TIME ने लिखा- हिंसक भीड़ के साथी बने नरेंद्र मोदी, बताया India’s Divider in Chief

स्‍टोरी में यहां तक लिखा गया कि मोदी के हाथों कोई आर्थिक चमत्‍कार या विकास नहीं हो सका, वह धार्मिक राष्‍ट्रवाद का जहरीला माहौल बनने में मददगार हुए।

क्या है मामला ?

दुनिया भर में मशहूर अमेरिकी पत्रिका ‘टाइम’ ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक कवर स्‍टोरी की है। पत्रिका ने कवर पर मोदी की तस्‍वीर के साथ शीर्षक लगाया है- India’s Divider in Chief। यह स्टोरी आतिश तासीर ने की है, जिसमें मोदी को समाज और देश को बांटने वाले नेता के रूप में चित्रित किया गया है। बताया गया है कि 2014 में वह ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देकर सत्‍ता में आए, लेकिन पांच साल में उन्‍होंने इस नारे का मतलब व्‍यर्थ कर दिया। इसके साथ इयान ब्रेमर की भी एक स्‍टोरी है, जिसका शीर्षक है- Modi the Reformer।

धार्मिक राष्‍ट्रवाद का जहरीला माहौल बनने में मददगार हुए

तासीर ने गुजरात दंगों में मोदी की कथित चुप्‍पी का हवाला देकर लिखा है कि ऐसी घटनाओं ने मोदी को दंगाई भीड़ का साथी साबित कर दिया। उन्‍होंने लिखा है कि मोदी ने नेहरू और उस दौर के पंथनिरपेक्षवाद और समाजवाद के सिद्धांतों पर प्रहार किया और कांग्रेस मुक्‍त भारत की बात की। टाइम की स्‍टोरी में मोदी पर आरोप लगाया गया है कि उन्‍होंने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच भाई-चारा कायम रखनेे की कभी कोई मंशा जाहिर नहीं की।

पूर्व में मोदी के तारीफ में टाइम मैगज़ीन
पूर्व में मोदी के तारीफ में टाइम मैगज़ीन

स्‍टोरी में यहां तक लिखा गया कि मोदी के हाथों कोई आर्थिक चमत्‍कार या विकास नहीं हो सका, वह धार्मिक राष्‍ट्रवाद का जहरीला माहौल बनने में मददगार हुए। तेजस्‍वी सूर्या के बयान (आप मोदी के साथ हैं तो देश के साथ हैं), गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा की गई हत्‍याओं, ऊना दलित कांड आदि के जरिए भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा गया है और कहा गया है कि ऐसी घटनाओं के वक्‍त उन्‍होंने पूरी चुप्‍पी साधे रखी।

वह मसीहा हुआ करते थे

तासीर ने मौजूदा चुनावों के मद्देनजर लिखा है कि भले ही मोदी फिर से सरकार बना लें, लेकिन वह लोगों के उन सपनों का प्रतिनिधित्‍व अब कभी नहीं कर सकते जो वह 2014 में किया करते थे। तब वह मसीहा हुआ करते थे, आज सिर्फ ऐसे राजनेता हैं जो जनता की उम्‍मीदों पर खरा नहीं उतर सका। इस स्‍टोरी में मोदी सरकार द्वारा तमाम महत्‍वपूर्ण संस्‍थानों का प्रमुख चुनने में योग्‍यता के बजाय दक्षिणपंथी विचारधारा के होने को प्रमुखता दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। कांग्रेस के बारे में कहा गया है कि उसके पास मोदी को हराना छोड़ कर कोई ठोस एजेंडा नहीं है। कमजोर विपक्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी खुशकिस्‍मती बताया गया है।

गुजरात दंगा में मोदी की खुली छूट थी: भट्ट (आईपीएस)
गुजरात दंगा में मोदी की खुली छूट थी: भट्ट (आईपीएस)

Modi, the Reformer

दूसरी स्‍टोरी (Modi, the Reformer) में बतौर प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्‍धियों के बारे में बताया गया है। इसमें बताया गया है कि जीएसटी के चलते मोदी सरकार का राजस्‍व बढ़ाने में कामयाब रहे, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उन्‍होंने काफी पैसा खर्च करने का आदेश दिया है, देश में सड़कें, हाईवे, पब्‍लिक ट्रांसपोर्ट, हवाई अड्डे आदि की सुविधाएं काफी बेहतर की गईं आदि। आधार, उज्‍ज्‍वला, विद्युतीकरण योजनाओं का भी जिक्र है।

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