EVM में स्टोरी करने के कारन गौरी लंकेश का मर्डर हुआ था

EVM हैकिंग की स्टोरी करने जा रही थीं पत्रकार गौरी लंकेश, इसलिए उनकी हत्या की गई : रिपोर्ट

भारत में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को डिज़ाइन करने वाले अमेरिका के एक साइबर एक्सपर्ट सैय्यद शुजा ने कई सनसनीख़ेज़ ख़ुलासे किए हैं। शुजा ने दावा किया है कि बीजेपी ने 2014 आम चुनावों में EVM के ज़रिए धांधली की थी। इस स्टोरी को पत्रकार गौरी लंकेश चलाने के लिए तैयार हो गई थीं। लेकिन इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।

लंदन में आज 21 जनवरी को भारतीय EVM को हैक करने का लाइव प्रसेंटेशन दे रहे सैय्यद शुजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक के बाद एक कई सनसनीखेज़ ख़ुलासे किए।

उनका कहना है कि भारत में जितने भी चुनाव हुए सभी को ईवीएम से प्रभावित किया गया है। उनका दावा है कि ईवीएम के चिपसेट कर्नेल को बाईपास करके ईवीएम हैक की जा सकती है।

उनका कहना है कि ईवीएम में काफी पुराना चिपसेट यूज किया जाता है। सैयद शुजा का कहना है कि उन्होंने वर्षो तक ECIL में काम किया है और भारतीय EVM के डिजाइन में वे खुद शामिल थे। ECIL, भारत की पब्लिक सेक्टर कंपनी है जो ईवीएम बनाती है।

शुजा ने दावा किया कि EVM हैकिंग में बीजेपी की मदद टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन ने की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने EVM हैक करने के लिए बीजेपी को कम फ्रीक्वेंसी के सिग्नल उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बात की जानकारी बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे को थी, इसी वजह से उनकी हत्या की गई।

शुजा ने दावा किया है कि उनकी डिजाइन की गई EVM 2014 के लोकसभा चुनावों में इस्तेमाल हुई थी। जिसे चुनाव के दौरान हैक किया गया था। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में कांग्रेस को EVM हैकिंग के चलते 201 सीटें गंवानी पड़ी थीं।

मोदी के मंत्री गोपीनाथ मुंडे की हत्या की गई क्योंकि वो EVM हैकिंग के बारे में जानते थेः EVM एक्सपर्ट

उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी के लोगों पर नजर नहीं रखी जाती तो बीजेपी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी EVM हैक करने की कोशिश में थी। जिसके बाद ये लोग इन राज्यों में भी सरकार बना लेते।

एक्सपर्ट का कहना है कि इस प्रेसेंटेशन के लिए चुनाव आयोग को भी न्यौता दिया गया था, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी यहां नहीं पहुंचा है। इसके अलावा राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को भी बुलाया गया था, जिनमें से केवल कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल यहां पहुंचे हैं।

ग़ौरतलब है कि भारत में विपक्षी पार्टियां EVM की विश्वसनीयता पर कई बार सवाल उठा चुकी हैं। विपक्षी पार्टियां दावा कर चुकी हैं कि EVM के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने विधानसभा में EVM का डिमॉन्स्ट्रेशन देकर उसके हैक होने का दावा किया था।

हालांकि, चुनाव आयोग ने EVM के हैक होने या उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की आशंकाओं को खारिज किया और विपक्षी दलों को चुनौती दी कि वे उसका EVM हैक कर दिखाएं।


Also Read:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here