बीजेपी ने हाल के विधानसभा चुनावों में ईवीएम हैक करने की कोशिश की थी

अमेरिका में रहने वाले भारतीय हैकर ने दावा किया है कि राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ने ईवीएम हैक करने की कोशिश की थी।

अमेरिका में राजनीतिक शरण लिए एक भारतीय हैकर ने सोमवार (21 जनवरी) को दावा किया कि भारत में 2014 के आम चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिये ‘धांधली’ हुई थी। उसका दावा है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। स्काईप के जरिये लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शख्स ने दावा किया कि 2014 में वह भारत से पलायन कर गया था क्योंकि अपनी टीम के कुछ सदस्यों के मारे जाने की घटना के बाद वह डरा हुआ था। शख्स की पहचान सैयद शुजा के तौर पर हुई है। हैकर ने यह भी कहा कि भाजपा ने राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में ईवीएम हैक करने की कोशिश की थी। लेकिन उसकी टीम ने ट्रांसमिशन हैक करने की भाजपा की कोशिश को विफल कर दिया। इसका नतीजा है कि कांग्रेस चुनाव जीत गई। अन्यथा इस बार भी भाजपा ही इन तीनों राज्यों में चुनाव जीतती।

रिलायंस जियो ने कम फ्रीक्वेंसी के सिग्नल पाने में भाजपा की मदद की थी
रिलायंस जियो ने कम फ्रीक्वेंसी के सिग्नल पाने में भाजपा की मदद की थी

हैकर शुजा ने दावा किया कि टेलीकॉम क्षेत्र की बड़ी कंपनी रिलायंस जियो ने कम फ्रीक्वेंसी के सिग्नल पाने में भाजपा की मदद की थी ताकि ईवीएम मशीनों को हैक किया जा सके। उसने बताया कि भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में चुनाव जीत जाती अगर उनकी टीम इन तीनों राज्यों में ट्रांसमिशन हैक करने की भाजपा की कोशिश में दखल नहीं दिया होता। यह विस्फोटक और धमाकेदार खुलासा बड़े खुफिया अंदाज में किया गया, हालांकि इसकी तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकी। उन्होंने दावा किया कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) की टीम का हिस्सा थे जिसने ईवीएम मशीन का डिजाइन तैयार किया था। वह भारतीय पत्रकार संघ (यूरोप) की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए थे। हालांकि वह स्काईप के जरिये पर्दे पर ही नजर आये और उनके चेहरे पर नकाब था।

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती और इसके कार्यप्रणाली पर एक विशेषज्ञ समिति नजर रख रही है। अरोड़ा ने कहा कि सिस्टम को लेकर कोई संदेह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईवीएम की पूरी कार्यप्रणाली पर उच्च प्रशिक्षित योग्य तकनीकी समिति नजर रखे हुए है। इससे पहले कई दल ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगा चुके हैं और मतपत्र से चुनाव की मांग कर चुके हैं। लंदन में कार्यक्र में शुजा ने दावा किया कि उन्होंने 2009 से 2014 तक ईसीआईएल में काम किया था।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ चुनाव दौरान भी नतीजों में धांधली हुई
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ चुनाव दौरान भी नतीजों में धांधली हुई

शुजा ने कहा कि वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2014 चुनावों में इस्तेमाल ईवीएम मशीनों डिजाइन बनाया था। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी टीम को ईसीआईएल से यह पता लगाने का निर्देश मिला था कि क्या ईवीएम मशीनों को हैक किया जा सकता है और इसे कैसे हैक किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया, ‘‘2014 के आम चुनाव में धांधली हुई।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और दिल्ली चुनाव दौरान भी नतीजों में धांधली हुई।


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