बीजेपी को वोट मत देना, किसान ने अपने सुसाइड नोट में लिखा

किसान ने एक सुसाइड नोट भी अपने साथ छोड़ा है. इसमें लिखा गया है कि, " पांच साल में भाजपा सरकार ने किसान को खत्म व नष्ट कर दिया है. इसे वोट मत देना वरना ये आपको चाय ही बिकवा देगी. पांच साल में हर काम बंद हो गया. भाजपा सरकार ने किसान को खत्म किया है. आज भाजपा से किसान दुखी हैं."

हरिद्वार के लक्सर में एक किसान ने कर्ज़ के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने इस मामले में बैंक के एजेंट को गिरफ्तार किया है. लेकिन इस घटना ने राजनीतिक तूल इसलिए पकड़ लिया है क्योंकि किसान के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें बीजेपी को वोट ना देने की बात लिखी हुई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिद्वार के लक्सर में किसान ईश्वरचंद शर्मा ने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली थी. किसान ने सुसाइड नोट में यह आरोप लगाया है कि लोन एजेंट अजित सिंह (राठी) ने उसे बैंक से लोन दिलवाने का दावा किया था.

लोन दिलवाने के पहले एजेंट ने बैंक गारंटी के तौर पर किसान से ब्लैंक चेक ले लिया था. जैसे ही किसान के नाम पर लोन मिला वैसे ही एजेंट ने चेक से सारी रकम निकाल ली. जब यह बात किसान को पता लगी तो उसने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली.

किसान ने एक सुसाइड नोट भी अपने साथ छोड़ा है. इसमें लिखा गया है कि, ” पांच साल में भाजपा सरकार ने किसान को खत्म व नष्ट कर दिया है. इसे वोट मत देना वरना ये आपको चाय ही बिकवा देगी. पांच साल में हर काम बंद हो गया. भाजपा सरकार ने किसान को खत्म किया है. आज भाजपा से किसान दुखी हैं.”

इसके अलावा किसान ने अपने सुसाइड नोट में बैंक एजेंट अजित सिंह का नाम भी लिखा है. किसान ईश्वरचंद ने आरोप लगाया है कि कृषि कार्ड से 2012, 2013 और 2014 में एजेंट ने फर्जी तरीके से उसके नाम पर कई बैंकों से लाखों रुपये कर्ज लिया. उन्हें इस कर्ज से एक पैसा भी नहीं मिला. बल्कि उनके बेटे पर गलत आरोप लगाए गए.

फिलहाल पुलिस ने ईश्वरचंद के बेटे की शिकायत पर एजेंट अजित सिंह के ख़िलाफ़ धारा 306 के तहत केस दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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