बीजेपी विधायक ने शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के शहादत का मज़ाक उड़ाया

कथित तौर पर गाय के शवों को पास के जंगल में पाए जाने के बाद लगभग 400 लोगों की भीड़, जिनमें दक्षिणपंथी कार्यकर्ता भी शामिल हैं, ने चिंगरावथी गाँव में हिंसा की थी।

भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह लोधी ने बुलंदशहर हिंसा को लेकर एक और विवाद को हवा दे दी है। इस हिंसा में पुलिस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह की मौत हो गई थी। लोधी ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस अधिकारी ने खुद को गोली मर ली थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

ज्ञात हो कि 3 दिसंबर को बुलंदशहर के एक गांव में गौ वंश के शव के अवशेष पाए जाने के बाद में दक्षिणपंथी नेताओं की अगुवाई में गुस्साई भीड़ ने पुलिस थाने पर हमला कर दिया था। इस घटना में सुबोध सिंह की सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी।

लोधी ने कहा, “सुबोध सिंह ने भीड़ में खुद को असहाय पाया और खुद को बचाने के लिए खुद अपने सिर में गोली मर कर खुद को खत्म कर लिया।”

3 दिसंबर को,कथित तौर पर गाय के शवों को पास के जंगल में पाए गया था। इसके बाद लगभग 400 लोगों की भीड़, जिनमें दक्षिणपंथी कार्यकर्ता भी शामिल हैं, ने चिंगरावथी गाँव में हिंसा की थी। इस घटना में निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और 22 वर्षीय स्नातक छात्र सुमित कुमार की मौत हो गई थी।

भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह लोधी
भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह लोधी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सिंह की खोपड़ी के अंदर गोली लगी थी। पत्थरों से चोट के छह निशान भी पाए थे।

बजरंग दल के कार्यकर्ता योगेश राज को पूर्व में मुख्या आरोपी के रूप में नामित किया गया था , इसपर भीड़ को कस्बे में उत्पात मचाने के लिए उकसाने का आरोप भी है।

गुरुवार को यूपी पुलिस ने इंस्पेक्टर सिंह को गोली मारने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने का दावा किया और बुलंदशहर के निवासी प्रशांत नट के रूप में भी मुख्य आरोपी की पहचान की।

जबकि पुलिस सूत्रों ने कहा कि नट ने अपनी गिरफ्तारी के एक दिन बाद सिंह पर गोली चलाने की बात कबूल की थी, नट ने एक अदालत के बाहर मीडिया को बताया कि उसने कभी भी ट्रिगर नहीं खींचा है।

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