क्या सपा नेता आज़म ख़ान ने कहा- ‘BJP को वोट दो’?

'प्रधान-सेवक' नाम के फ़ेसबुक पेज पर इस वीडियो के साथ लिखा गया है कि "बुआ-बबुआ की जोड़ी पसंद नहीं आई आज़म ख़ान को, अपने वोटर्स से बोले BJP को वोट करो."

क्या सपा नेता आज़म ख़ान ने कहा- ‘BSP की जगह सीधे BJP को वोट दो’?

बीजेपी समर्थित आईटी सेल ने अब सपा- बसपा गठबंधन को बदनाम करने के लिए कोई कशर नहीं छोड़ रहे हैं. अब सपा के वरिष्ट नेता आज़म खान की पुराने वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए हैं. जिसमें वो ‘बीजेपी को वोट देने की बात’ कहते सुने जा सकते हैं.

जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर किया है, उनका दावा है कि आज़म ख़ान समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से नाराज़ हैं.

‘प्रधान-सेवक’ नाम के फ़ेसबुक पेज पर इस वीडियो के साथ लिखा गया है कि “बुआ-बबुआ की जोड़ी पसंद नहीं आई आज़म ख़ान को, अपने वोटर्स से बोले BJP को वोट करो.”

रविवार को ये वीडियो इस पेज पर पोस्ट किया गया जिसे अब तक क़रीब 20 हज़ार बार देखा गया है और हज़ार से ज़्यादा लोग इस वीडियो को शेयर कर चुके हैं.

यह वीडियो व्हॉट्सऐप के अलावा ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है. मोदीभक्तों ने इस वीडियो को खूब ट्वीट किया है.

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है कि “बुआ की गोद में बैठने से चाचाजान नाराज़ हुए, आज़म ख़ान बोले मोदी को सीधे वोट दो”. सैकड़ों लोग उनके इस ट्वीट को शेयर कर चुके हैं.
लेकिन पड़ताल में सभी दावों को ग़लत पाया गया है.

पड़ताल से पता चला कि ये वीडियो शनिवार को लखनऊ में अखिलेश यादव और मायावती द्वारा आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर की गई गठबंधन की औपचारिक घोषणा के बाद का नहीं है.

तो वीडियो कब का है?

रिवर्स सर्च से पता चलता है कि आज़म ख़ान के भाषण का ये वीडियो 23 फ़रवरी 2017 का है जो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भी ग़लत संदर्भों के साथ वायरल हुआ था.

समाजवादी पार्टी के ‘फ़ायरब्रांड’ नेता कहे जाने वाले आज़म ख़ान ने ये बयान उत्तरप्रदेश के फ़ैज़ाबाद में आयोजित एक चुनावी जनसभा में दिया था.
आज़म ख़ान सूबे की 17वीं विधानसभा के लिए 11 फ़रवरी से लेकर 8 मार्च के बीच 7 चरणों में हुए मतदान के दौरान फ़ैज़ाबाद-अयोध्या में प्रचार करने पहुँचे थे.

अखिलेश यादव की सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे आज़म ख़ान ने उस समय अयोध्या विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी रहे तेज नारायण पांडे (पवन पांडे) के लिए वोट मांगे थे.

पांडे के सामने बसपा ने मोहम्मद बज़्मी सिद्दकी को चुनावी मैदान में उतारा था. दोनों पार्टियों (सपा-बसपा) ने ये चुनाव अलग-अलग लड़ा था और बीजेपी की इस चुनाव में बड़ी जीत हुई थी.

भाषण में आज़म ने क्या कहा था?

बहरहाल, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब आज़म ख़ान अपने हेलीकॉप्टर से फ़ैज़ाबाद में उतरे तो उन्होंने मुस्लिम बहुल इलाक़ों में कई जगह बसपा के पोस्टर और झंडे लगे देखे जिसे देखकर वो नाराज़ हो गए और मंच पर पहुँचते ही भड़क गए थे.

उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत यही कहते हुए की, “आप लोगों को शर्म नहीं आती. किस मुँह से मुख़ालफ़त करते हो? अब बसपा की हिमायत करोगे.”

इसके बाद उन्होंने अयोध्या के स्थानीय मुसलमानों से कहा था कि उन्होंने बाबरी मस्जिद आंदोलन में उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था, जिसके लिए उन पर तरह-तरह के आरोप लगते रहे हैं, इसलिए लोगों को उनका साथ देना चाहिए.

इसके बाद तंज कसते हुए आज़म ख़ान ने कहा था, “बसपा को वोट कर रहे हो, तो सीधे बीजेपी को ही वोट कर दो. वो कुछ अच्छा सोचेंगे आपके बारे में. एक मस्जिद ही तो गई, दो-चार और दे दो.”

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज़म ख़ान इतना कहकर मंच से उतरने लगे थे, लेकिन उन्हें मनाकर वापस लाया गया.

इसके बाद अपने भाषण में उन्होंने पीएम मोदी और उनके पाकिस्तान दौरे के बारे में कई सवाल उठाए थे.

गठबंधन पर आज़म ख़ान की राय क्या है?

वहीं शनिवार को सपा और बसपा के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा के बाद आज़म ख़ान ने कहा, “हम तो बहुत पहले से चाहते थे और इस तहरीक़ के शायद बानी ही हम हैं”

उन्होंने कहा कि “अपनी पार्टी में इस बात की शुरुआत मैंने ही की थी. मैंने ही अखिलेश यादव से कहा था कि सपा-बसपा का गठबंधन बदलाव ला सकता है. पूरे हिंदुस्तान की सियासत का रुख़ बदलने के लिए उत्तर प्रदेश अकेला ही काफ़ी है.”

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